5 मिनट में PAK को तबाह कर सकता है ये एयरबेस, कारगिल वॉर में तोड़ी थी दुश्मन की कमर

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पठानकोट.सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में सेना का मूवमेंट तेज हो गया है। पुलिस, हेल्थ बैंक स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। एयरबेस की सुरक्षा तगड़ी कर दी गई है। पठानकोट एयरबेस पर हर पल सर्तकता बरती जा रही है। इस एयरबेस से पांच मिनट के अंदर पाकिस्तान पर बड़ा हमाला किया जा सकता है। क्यों पठानकोट एयरबेस से डरता है पाक…

– 1971 के युद्ध में 3 दिसंबर की शाम 5 बजकर 40 मिनिट पर पाकिस्तान ने इस एयरफोर्स स्टेशन के रन-वे पर बेतहाशा बम गिराए थे।

– युद्ध के दौरान पठानकोट सहित एयरफोर्स स्टेशन पर कुल 53 बार हमला हुआ। इस दिन एक साथ पाकिस्तान के छह लड़ाकू जहाजों ने एयरफोर्स स्टेशन पर बम गिराए, लेकिन इसके बावजूद वह इसे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सका था।

– इसके बाद भारत ने कारगिल में पाकिस्तान की कमर तोड़ दी थी। दरअसल, युद्ध के दौरान यहां से हमारी वायुसेना 5 मिनट में पाकिस्तान को तबाह कर सकती है।

दुश्मनों के लिए चिकन नेक है पठानकोट …

इतिहासकारों के मुताबिक, 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरान भी पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन को निशाना बनाया गया था। 6 सितंबर,1965 की सायं 5.35 बजे जब पाकिस्तान ने एयरफोर्स स्टेशन पर बम गिराए तो उससे एयरपोर्ट के हैंगर पर खड़े दो लड़ाकू विमानों को नुकसान हुआ।

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यहां हैं मिग-21, मिग-29 और हैलीकॉप्टर …

– एशिया के नक्शे में पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन को दुश्मन के लिए चिकन नेक कहा जाता है। इस स्टेशन पर एयरफोर्स के कुल 18 विंग हैं। यहां वायुसेना की सारी जरूरतों को पूरा किया जाता है। एयरफोर्स स्टेशन काफी बड़ा। इसमें जहां सैनिक क्वार्टर हैं, वहीं केंद्रीय विद्यालय भी है।

– यहां मिग-21, मिग-29 के अतिरिक्त अटैक हैलीकॉप्टर भी हैं। ये करीब दस किलोमीटर में फैला है।

पाक हमेशा करवाता है इस इलाके की जासूसी…

– यह स्टेशन पाकिस्तान से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं चीन तक भी यह स्टेशन निगरानी करने में दक्ष है। करगिल युद्ध के दौरान इस एयरफोर्स स्टेशन ने पाकिस्तान की कमर तोडऩे में बेहतरीन भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि यह एयरफोर्स स्टेशन दुश्मन की नजर की किरकिरी बना हुआ है।

– अपने नापाक मंसूबों को सिरे चढ़ाने के लिए कभी पाकिस्तान इस स्टेशन की जासूसी करवाता है तो कभी आतंकी हमला करवा कर यह संकेत देने की कोशिश करता है कि वह भारत के चप्पे-चप्पे से वाकिफ है। पिछले साल एयरफोर्स कर्मचारी सार्जेंट सुनील को जासूसी में शामिल करके उससे एयरफोर्स स्टेशन की जानकारी लेना भी इसी का हिस्सा है।

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