पठानकोट आतंकी हमले में जख्मी हुआ जवान बोला, ‘काश मैं भी POK में हुई सर्जिकल स्ट्राइक में होता  

Pathankot: Security beefed up at Pathankot Air Force base during the visit of PM Narendra Modi on Saturday following a recent attack by terrorists on the base. PTI Photo (PTI1_9_2016_000164B)

LOC पर SURGICAL STRIKE ने भारतीय जवानों के कलेजे को जो ठंडक दी है उसको शब्दों में बयां नहीं कर सकते। PATHANKOT आंतकी हमले में बुरी तरह जख्मी हुए रामालु को जब खबर मिली तो उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।

रामालु ने कहा, जब मैंने सुना था कि उड़ी हमले में 17 जवान शहीद हो गए हैं तो मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मैं अपने बेड से उठकर दौड़ने लग जाऊंगा। आज मैं बहुत खुश हूं कि भारत ने पाक को उस तरह से जवाब देना शुरू कर दिया है जिसकी उसे सख्त जरूरत है। मुझे खबर मिली है कि भारत ने LoC पार टेररिस्ट लॉन्च पैड पर सर्जिकल अटैक किया है। मुझे खुशी है लेकिन मुझे दुख भी है कि मैं वहां पर नहीं था। भारतीय जवान ने पाकिस्तान को एक बदमाश देश करार दिया।

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पठानकोट हमले में घायल हुए रामालु पिछले 9 महीनों से अस्पताल के बिस्तर पर पड़े थे। उनके भाई संगम नायडू ने कहा, जब हास्पिटल में उसने टीवी चैनल्स पर उड़ी हमले की फुटेज देखी थी तो उसके अंदर बहुत गुस्सा भर गया था। रामालु पठानकोट हमले के दोषी आतंकवादियों का सफाया करने वाली 150 सदस्यीय आर्मी का हिस्सा थे। एक ग्रेनेड विस्फोट में वह बुरी जख्मी हो गए थे। बम डिस्पोजल एक्सपर्ट के मुताबिक, रामालु के सिर और दिमाग में 50 छर्रे घुस गए थे। वह अभी खुद से खाने और चलने में असमर्थ हैं।

उनकी दायीं आंख पूरी तरह से खराब हो गई है। उनकी याददाश्त भी कमजोर हो गई है। उनके भाई ने बताया कि वह अब एक मिनट भी बिना दूसरों की मदद के नहीं जी सकते हैं। दिल्ली के एक हॉस्पिटल में इलाज करा रहे रामालु अपने मां-बाप से मिलने के लिए एक हफ्ते की छुट्टी लेकर गए हैं। इलाज के दौरान उनके परिवार को उनसे मिलने की इजाजत नहीं थी। इसलिए अब वह एक सप्ताह अपने परिजनों के साथ बिताएंगे।

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